पटना, (रिपोर्टर) : आज राज्यपाल फागू चौहान ने 71वें गणतंत्र दिवस-समारोह-2020 के सुअवसर पर स्थानीय गांधी मैदान में पूर्वाह्न 09:00 बजे राष्ट्रीय झंडोत्तोलन किया। इसके पूर्व, राज्यपाल शहीद-ए-कारगिल स्मृति स्थल, पटना गये और अमर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि निवेदित की। राज्यपाल के गांधी मैदान पहुंचने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया, उन्हें राष्ट्रीय सलामी दी गई तथा बाद में राज्यपाल ने खुली जीप में परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय धुन बजाई गई। राज्यपाल ने ‘मार्च पास्ट’ की भी सलामी ली तथा उनके द्वारा ‘गणतंत्र दिवस-2020’ के अवसर पर ‘शौर्य पुरस्कार’ से अलंकृत विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किये गये। राज्यपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों/संगठनों द्वारा निकाली गयी झांकियों को भी अवलोकित किया। राज्यपाल श्री चौहान ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘गणतंत्र दिवस’ के अवसर पर राज्य की जनता को संबोधित करते हुए उन्हें ‘गणतंत्र दिवस’ की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन एवं न्याय के साथ विकास के सिद्धान्त पर राज्य के विकास के लिए सार्थक प्रयास किये हैं। विकास और कल्याण के पथ पर सभी क्षेत्रों और वर्गों को साथ लेकर चलने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। राज्य सरकार द्वारा समावेशी एवं विकेन्द्रीकृत विकास की नीति अपनाई गई है। बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के निमित्त सुशासन के कार्यक्रम सम्पूर्ण राज्य में लागू किये गये हैं। श्री चौहान ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संगठित अपराध पर अंकुश लगाया गया है और यही व्यवस्था निरंतर जारी है। बिना किसी भेद-भाव के कानूनी प्रावधानों का अनुशरण कराते हुए अपराध-नियंत्रण की ठोस व्यवस्था लागू है। पुलिस तंत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु अनेक कदम उठाये गये हैं ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन कुशलतापूर्वक कर सकें। यह सरकार के संकल्प का ही परिणाम है कि राज्य में सामाजिक सौहार्द एवं साम्प्रदायिक सद्भाव का वातावरण है।
राज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध ‘जीरो टॉलरेन्स’ की नीति पर राज्य सरकार की मुहिम जारी है। भ्रष्ट लोक सेवकों के विरूद्ध कार्रवाई निरन्तर की जा रही है। प्रशासनिक एवं वित्तीय संरचनाओं को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ राज्य के नागरिकों को कानूनी अधिकार देकर सशक्त बनाने की नीति पर लगातार काम किया जा रहा है। राज्यपाल श्री चौहान ने कहा कि प्रशासन के निचले स्तरों पर भ्रष्टाचार की समस्या के निदान के लिए बिहार लोक सेवाओं का अधिकार कानून के अंतर्गत अद्यतन 23 करोड़ 5 लाख आवेदनों का निष्पादन कर नागरिकों को विभिन्न लोक सेवाएं एक नियत समय-सीमा के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई हैं। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 को लागू कर लोगों को उनके परिवाद पर सुनवाई के साथ-साथ नियत समय-सीमा में इसके निवारण का भी कानूनी अधिकार दिया गया है। इस अधिनियम के क्रियान्वयन को सफलता मिली है और नागरिकों  का विश्वास बढ़ा है।  राज्यपाल ने कहा कि बिहार की 89 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती हैं और 76 प्रतिशत जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए कृषि एवं कृषि -आधारित कार्यों पर आश्रित है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु सरकार द्वारा ‘कृषि रोड मैप’ बनाकर कई महत्वाकांक्षी कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों की बदौलत कृषि एवं संबद्ध प्रक्षेत्रों में उत्पादन एवं उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि एवं किसानों की आय में बढ़ोश्ररी हुई है। साथ ही प्रत्येक भारतीय के थाल में बिहार का एक व्यंजन पहुंचाने के संकल्प को नई दिशा मिली है। श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने ‘आरक्षित रोजगार, महिलाओं का अधिकार’ के तहत राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था फरवरी, 2016 से ही लागू कर दी है।  राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है और यह सरकार की नीतियों का अभिन्न अंग है। राज्य में ’’महिला सशक्तीकरण नीति’’ लागू की गई है। ‘जीविका’ कार्यक्रम के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन सेे महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
राज्यपाल श्री चौहान ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए राज्य सरकार पूर्व से छात्रवृति, मेधावृति, शिक्षा ऋण, रोजगार ऋण, कौशल विकास, परित्यक्ता सहायता, कोचिंग आदि योजनाओं का सफल संचालन कर रही है। ‘मुस्लिम परित्यक्ता सहायता योजना’ की सहायता राशि 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दी गई है। राज्यपाल ने कहा कि जिन लोगों का नाम ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना’ से छूट गया है तथा अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अति पिछड़े वर्ग के वैसे लाभुक, जिनके द्वारा 1 जनवरी, 1996 के पूर्व समूहों में सरकारी योजनाओं के तहत आवास का निर्माण कराया गया था, जो अब टूट गया है, वैसे लोगों के लिए ’’मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’’ लागू की गई है और इसके अन्तर्गत आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार की सहायता राशि दी जा रही है। राज्यपाल ने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़े वर्ग के लोगों के वास भूमि क्रय हेतु ’’मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना’’ लागू की गई है।
श्री चौहान ने कहा कि ‘जल-जीवन-हरियाली’ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इसके अंतर्गत 19 जनवरी, 2020 को राज्य में 18 हजार किलोमीटर से अधिक लम्बी मानव शृृंखला बनी, जिसमें 5 करोड़ 16 लाख से अधिक लोगों ने भाग लेकर पर्यावरण के संरक्षण के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। पर्यावरण-संरक्षण के समर्थन में बनी यह ऐतिहासिक मानव शृंखला विश्व में किसी भी मुद्दे पर बनी, अब तक की सबसे लम्बी मानव शृंखला है। उन्होंने कहा कि यह शृंखला नशा-मुक्ति के पक्ष में तथा दहेज-प्रथा एवं बाल-विवाह के खिलाफ में भी थी। इसके माध्यम से बिहार की जनता ने न सिर्फ देश को बल्कि पूरे विश्व को पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया है। 
अंत में राज्यपाल श्री चौहान ने कहा कि सरकार की कामना है कि समाज में सद्भाव एवं भाईचारा का वातावरण कायम रहेे। ‘गणतंत्र दिवस’ के शुभ अवसर पर राज्यपाल ने राज्य की जनता का आह््वान करते हुए कहा कि उन्नत बिहार के साथ-साथ समाज-सुधार हेतु प्रतिबद्ध तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक बिहार बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभायें। राज्यपाल ने ‘गणतंत्र दिवस’ के अवसर पर सभी बिहारवासियों एवं देशवासियों को शुभकामनाएं दी।
‘गणतंत्र दिवस समारोह-2020’ में नगर विकास एवं आवास विभाग, जीविका, उद्योग विभाग, मद्य-निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, परिवहन विभाग, महिला विकास निगम, कृषि विभाग, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, निर्वाचन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पथ निर्माण विभाग, ब्रेडा, ग्रामीण विकास विभाग तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, जल संसाधन विभाग एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार के द्वारा झांकियां प्रस्तुत की गईं।
‘गणतंत्र दिवस समारोह-2020’ में प्रदर्शित की गई झांकियों में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्् को प्रथम पुरस्कार, उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना, उद्योग विभाग, बिहार को द्वितीय पुरस्कार एवं स्वास्थ्य विभाग को तृृतीय पुरस्कार प्रदान किये जाने की घोषणा की गई। साथ ही बेस्ट पैरेड के लिए प्रोफेशनल गु्रप में बी.आर.सी. दानापुर आर्मी एवं नन-प्रोफेशनल में एन.सी.सी. एयरविंग, बेस्ट टर्न आउट प्रोफेशनल ग्रुप में एस.टी.एफ. तथा नन-प्रोफेशनल के लिए एन.सी.सी. आर्मी गल्र्स, बेस्ट प्लाटून कमाण्डर प्रोफेशनल ग्रुप में आई.टी.बी.पी. एवं नन प्रोफेशनल में भारत स्काऊट एण्ड गाईड को भी पुरस्कार प्रदान किये जाने की भी घोषणा की गई। 

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