पटना, (रिपोर्टर) :   हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से०) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 29 जनवरी 2020 (बुधवार) को सीएए,  एनपीआर, एनआरसी को लेकर भारत बंद का समर्थन करते हुए पटना के डाकबंगला चौराहे पर बंद के समर्थन में शामिल होते हुए इस कानून को तत्काल प्रभ से ख़त्म करने की माँग की। उनके साथ रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा, जाप सुप्रीमो पूर्व सांसद पप्पू यादव भी डाक बंगला चौराहे पटना में भारत बंद के समर्थन करते हुए,अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे । पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीएल वैश्यन्त्री के नेतृत्वमें बडी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी डाकबंगला चौराहे पर भारत बंद के समर्थन में मौजूद थे ।  पटना के डाकबंगला चौराहे पर भारत बंद का समर्थन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन मांझी ने कहां की एनआरसी सीएए. एनपीआर यह तीनों जो कानून है एक दूसरे से संबंधित है एनपीआर लागू कर दिए हैं तो इसका मतलब है हम लोगों से प्रूफ मांगा ही जाएगा दो-तीन कॉलम जोड़ देते हैं, अपने रहने का, अपने पिताजी का, माता जी का जो हुलिया मांगता है, वह नहीं दे पाएगा । खास करके गरीब लोग यहां से 50 से 60 करोड़ लोग ऐसे हैं जो सबूत अपना नहीं दे सकते हैं । अभी तो संप्रति नहीं करेगा, लेकिन जब एनआरसी लागू करेगा उस समय उसको डाउटफुल में रखेगा, उस समय प्रूफ मांगेगा । वह प्रूफ नहीं देगा तो, उसको डिडक्शन सेक्शन सेंटर में डाल दिया जाएगा । डिटेक्शन सेंटर में कुछ दिन रखने के बाद उन्हें नागरिकता से वंचित कर दिया जाएगा । इस सरकार का उतशित प्रयास है कि गरीब लोगों का वोट हमको नहीं मिलता है तो वोटिंग राइट्स ही खत्म कर दिया जाए ।    मांझी ने कहा कि दूसरी चीज है कि लोग कह रहे हैं कि भाजपा अपने घोषणा पत्र में एनआरसी लागू नहीं करेंगे । तब अगर भाजपा घोषणा पत्र में कहा है । हम एनआरसी लागू करेंगे और राष्ट्रपति महोदय का अभी भाषण हुआ उसमें भी उन्होंने कहा कि एनआरसी लागू होगा । तब फिर प्रधानमंत्री देश को झूठ बात बतला रहे हैं कि एनआरसी लागू नहीं होगा । प्रधानमंत्री देश को भ्रम जाल में रख कर अपना एजेंडा लागू कर रहे हैं । जितना भी इनकी घोषणा पत्र में जैसे तीन तलाक का मामला हो, 370 का मामला हो, 35A का मामला हो या राम मंदिर का मामला हो सबको इन्होंने एक तरह से निपटाने का काम किया है । एनआरसी भी यह लागू करेंगे जो हिंदुस्तान के गरीबों के हित में नहीं है, इसलिए हम लोग उसका विरोध कर रहे हैं ‌। यहां के 60 से 70% गरीब है, जिसकी जनसंख्या कह सकते हैं कि 50 करोड़ से ऊपर है उनको प्रमाण के लिए कुछ नहीं है और उनकी नागरिकता जाने की शंका है, इसलिए हम लोग इसका विरोध कर रहे हैं।  मांझी ने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि जो सीएए है उसको सरकार वापस ले और जो एनपीआर है जो 2010 में हुआ था, पूर्वत उसी तरह से उस में इंट्री करें । ना कि बाप- मां का प्रूफ मांगे। ऐसा कुछ नहीं करें इसमें सरकार सुधार लावे यह हम चाहते हैं ।  भारत बंद को सफल बनाने के लिए हम पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री डा० अनिल कुमार,  श्रीमती ज्योति सिंह, प्रदेश प्रवक्ता विजय यादव, प्रदेश प्रवक्ता रामविलास प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष रंजीत चंद्रवंशी, महेंद्र सदा, सुरेंद्र कुमार चौधरी, रमेश चंद्र कपूर, , प्रफुल्ल चंद्र, रविंद्र शास्त्री, मुकेश चंद्र, हेमलता पासवान, पूनम पासवान, अनिल कुमार रजक, रामनिवास प्रसाद, द्वारका पासवान, मो० तनवीर उर रहमान, संजय गुप्ता, राजीव नयन बलमा बिहारी, रामचंद्र राउत, गीता पासवान, रोशन देवी, शैलेश मिश्रा, राजेश्वर पासवान, इम्तियाज अंसारी, पंकज कुमार बरनवाल आदि हम नेता पटना में बंद के समर्थन में शामिल होंगे


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