पटना, (रिपोर्टर) : उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि जब बैलैट पेपर से चुनाव होते थे, तब लालू प्रसाद ने जिन लोगों को पढऩा-लिखना और रोजगार देने वाला स्किल सीखना छोडक़र केवल लाठी में तेल पिलाने का रास्ता दिखाया था, वे ही हर चुनाव में बूथ लूटते थे। दूसरे दलों के समर्थकों को वोट डालने नहीं दिया जाता था और वे इस तरह हासिल चुनावी जीत को लालू का जिन्न बताते थे।

श्री मोदी ने कहा कि  जब से ईवीएम से मतदान की व्यवस्था हुई, तब से जिन्न निकलना बंद हुआ, इसलिए राजद ईवीएम का विरोध करता है और हारने पर चुनाव आयोग की पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है।  

 अब बूथ लूट, जिन्न और लालटेन का जमाना लद चुका है, इसलिए उनकी बेचैनी बढ़ गई है।   जिन्होंने 29 साल की उम्र में करोड़ों रुपये की 54 बेनामी सम्पत्तियां बिना किसी रोजगार-नौकरी के हासिल कर लीं, पहली बार विधायक बनने पर  बिना किसी अनुभव के उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार कर लिया और पद से हटने पर भी 46 एसी वाले सरकारी बंगले में जमे रहने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़े वे किस मुंह से पार्टी के नेताओं को त्याग देने का  उपदेश दे रहे है ।

 


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