पटना, (रिपोर्टर) : बिहार विधानमंडल के संयुक्त बजट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल फागू चौहान ने कहा कि मैं नये वर्ष के प्रथम सत्र  के अवसर पर बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के एक साथ समवेत अधिवेशन में आप सभी को शुभकामनाएं देता हॅू तथा राज्य की खुशहाली एवं बहुआयामी विकास की कामना करता हॅू। इस सत्र में आपको वित्तीय, विधायी एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्य संपन्न करने हैं। बिहार विधानमंडल की सभी सदस्यों से बिहार के विकास के लिए रचनात्मक भूमिका अदा करने की अपेक्षा करता हॅू। आपके बहुमूल्य सुझाव एवं विमर्श से बिहार की प्रगति को बल मिलेगा। राज्यपाल ने बताया कि राज्य सरकार ने सुशासन एवं न्याय के साथ विकास के सिद्धांत को लागू करते हुए राज्य के विकास के लिए सार्थक प्रयास किया  है। विकास और कल्याण के पथ पर सभी क्षेत्रों और वर्गों को साथ लेकन चलने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। राज्य सरकार के द्वारा समावेशी एवं विकेन्द्रीत विकास की नीति अपनायी गयी है। बिहार को देश के विकसित राज्यां की श्रेणी में लाने के निमित्त सुशासन के कार्यक्रम संपूर्ण राज्य में लागू किये गये हैं।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून का राज स्थापित कर लोगों को भयमुक्त समाज प्रदान करने की रही है। संगठित अपराध पर कड़ाई से अंकुश लगाया गया है एवं कानूनी प्रावधानों के अनुयप अपराध नियंत्रण की ठोस व्यवस्था लागू है। पुलिस तंत्र की सुदृढ़ीकरण किया गया है ताकि वे दायित्वों का निर्वहन कुशलतापूर्वक कर सकें। यह सरकार के संकल्प का ही परिणाम है कि राज्य में सामाजिक सौहार्द्र एवं साम्प्रदायिक सदभाव का वातावरण कायम है। उन्होंने कहा कि इन जिनों जलवायु परिवर्तन सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरा है। पूर्व में पर्यावरण भी संतुलित था नदियों का जल भी साफ था, आबादी भी कम थी। धीरे-धीरे आबादी बढ़ती गयी, विज्ञान एवं तनकीक का विकास हुआ। इस विकास का हानिकारक प्रभाव पर्यावरण पर भी पड़ा है। इसका असर ग्लोबल वाॄमग एवं जलवायु परिवर्तन के रूप मं दिखने लगा है जिससे कहीं असमय वर्षा, कहीं सुखाड़ तो कहीं बाढ़ की समस्या, आंधी-तूफान की बढ़ती तीव्रता जैसी समस्याएं दिख रही हे। मानसून पैटर्न बदल रहा है। बिहार में भी कम और अनियमित वर्षापात, वर्षा में लम्बा अंतराल तथा अचनक भारी वर्षा जैसे स्थितयां हो रही है।
श्री चौहान नें कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना के विकास के लिए इन क्षेत्रों में उन्नत कोटि की बारहमासी सडक़ों का निर्माण होना प्रमुख है। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक एक हजार 711 किमी पथ एवं 25 पुलों का निर्माण कराया गया है। ग्रामीण पथों के निर्माण में नवोन्मेष तकनीकी का उपयोग कर अब तक दो हजार 443 किमी पथों का निर्माण कराया गया है। राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा संचालित अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति याजना के अन्तर्गत उन छात्र-छात्राओं को छात्रवृति दी जाती है जिनके स्वयं की आय सहित माता, पिता, अभिभावक की अधिकतम वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये तक है जबकि अनु. जाति/जनजाति प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति योजना अन्तर्गत यह अधिसीमा 2.50 लाख रुपये तक की है। इसको ध्यान में रखते हुए 1.50 लाख रुपये से अधिक एवं 2.50 लाख रुपये तक की स्वयं की आय सहित माता/पिता/अभिभावक की वार्षिक आय की अधिसीमा के तहत अर्हता रखने वाले अत्यंत पिछड़े वर्ग के छात्र -छात्राओं को भी राज्य सरकार द्वारा प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है और इसके लिए मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति योजना लागू की गयी है।

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