पटना, (रिपोर्टर) :  प्रदेश जनता दल (यू) कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार,योजना विकास मंत्री महेश्वर हजारी, ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री शैलेश कुमार और युवा जदयू के प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश सेतु ने तेजस्वी यादव द्वारा की जाने वाली यात्रा के वाहन बस की खरीदगी में हुई आर्थिक फर्जीवाड़े में आज एक बार फिर दस्तावेज पेश कर तेजस्वी यादव पर आरोपों की झड़ी लगा दी । पेश दस्तावेजों के माध्यम से मंत्री नीरज कुमार ने बताया कि कैसे तेजस्वी यादव और पूर्व विधायक अनिरुद्ध यादव ने हाईटेक बस के चक्कर में अतिपिछड़ा समुदाय के एक अशिक्षित गरीब शख्स मंगल पाल को आर्थिक जालसाजी का शिकार बनाया। ज्ञातव्य है कि मंत्री नीरज द्वारा इस मामले में पूर्व में लगाए आरोपों के 186 घंटे बीतने के बाद भी अब तक तेजस्वी यादव की ओर से अपनी सफाई में न कोई साक्ष्य पेश किया गया है और न ही राजद की ओर सेकोई संतोषजनक जवाब आया है।  नीरज कुमार ने दस्तावेज प्रस्तुत कर बताया कि अंचलाधिकारी, बख्तियारपुर के प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि मंगल पाल के नाम से कोई भी जमीन रजिस्टर-2 में अंकित नहीं। अनिरुद्ध यादव के 2001 में मुखिया निर्वाचित होने के बाद वित्त वर्ष 2001-02 में मंगल पाल को पिता निती पाल के नाम की जमीन पर इंदिरा आवास आवंटित हुआ। 25 जनवरी 2020 को मंगल पाल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत 15 किलो अनाज प्राप्त किया है, अंगूठा लगाकर । BPL श्रेणी के अतिपिछड़ा निरक्षर गरीब के नाम के नाम 18.09.2018 को राजद नेता अनिरुद्ध यादव के पटना स्थित आवास के पते पर GST का निबंधन कराया गया जिसका वार्षिक टर्नओवर शून्य दिखाया गया जिसके फलस्वरूप  14 जनवरी 2020 को जीएसटी निबंधन रद्द कर दिया गया। जिसके दस्तावेज उपलब्ध हैं। फिर कैसे जगदानंद बाबू ने मंगल पाल का वार्षिक टर्नओवर 70 लाख होना बताया, वो भी बिना कोई प्रमाणिक दस्तावेज देखे हुए ? हमें तरस आता है जब माननीय जगदानंद बाबू जैसे सीनियर लीडर एक भ्रष्टाचारी के दागी पुत्र के चक्कर में खुद से जलील होते हैं। क्या जरूरत है आपको, क्यों ऐसे लोगों को सानिध्य प्राप्त कर रखा है आपने जो आपको सार्वजनिक रूप से जलील करवा रहा है? हम यह पूछना चाहते हैं तेजस्वी यादव से क्यों आपलोगों ने बीपीएल श्रेणी के इंदिरा आवास धारक, खाद्य सुरक्षा मिशन के लाभुक अतिपिछड़ा समुदाय के निरक्षर व्यक्ति को इनलोगों ने अपने आर्थिक दुष्चक्र में लपेट किस तरह का निकृष्टतम कृत्य किया है, और हाईलेवल कॉन्ट्रैक्टर घोषित करने पर तुले ह़ै । इन जालसाजों ने मंगल पाल को आर्थिक बंधक बना रखा है। नीरज कुमार ने दावा करते हुए कहा कि इनलोगों ने मंगल पाल के नाम से मात्र एक वर्ष 2018-19 में लगभग 5 लाख का इन्कम टैक्स रिटर्न फाइल करवाया था, कहीं कोई 70 लाख का टर्नओवर नहीं हुआ यह सिर्फ कपोलकल्पना है। तेजस्वी यादव बताएं कि लगभग 33 लाख की इस बस की खरीददारी का मास्टरमाइंड कौन है? चूंकि इसपर सवारी आप और आपकी पार्टी के नेता करेंगे तो हम आपको आगाह कर देना चाहते हैं कि इस आर्थिक फर्जीवाड़े पर बिहार  का कोई भी नागरिक अतिपिछड़ा समुदाय के अशिक्षित व्यक्ति के भावनात्मक शोषण के लिए आपलोगों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420,  467, 468 के तहत मुकदमा दायर कर सकता है। तेजस्वी जी प्रमाणिक दस्तावेज के माध्यम से हमने सीधे तौर पर आपकी संलिप्तता सिद्ध की है, हमारा सीधा आरोप है अगर पेश दस्तावेजों को नकारने का माद्दा है आपमें तो राजनैतिक ककहरा मत पढ़िए, साक्ष्य पेश कीजिए जैसे हमने किया आप मानहानि का मुकदमा भी दर्ज करने को स्वतंत्र हैं। पर यह साफ है कि इस हाईटेक फर्जीवाड़े में कहीं न कहीं आपकी संलिप्तता है, और आप इसके मास्टरमाइंड माने जा रहे हैं।

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