पटना, (रिपोर्टर) :  बिहार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने पं. जवाहर लाल नेहरू पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के विवादित दावे की प्रतिक्रिया में कहा कि विदेश मंत्री झूठा प्रचार में संलिप्त हैं | वे विदेशमंत्री के बजाय आरएसएस व भाजपा कार्यकर्त्ता की तरह काम कर रहे हैं | जो अशोभनीय है | विदित हो कि एस. जयशंकर ने नारायणी बसु की किताब का विमोचन करते हुये ट्वीट किया है कि पं. नेहरू सरदार पटेल को कैबिनेट में शामिल करना नहीं चाहते थे |

श्री सिंह ने कहा कि भाजपा व संघ नेहरू और सरदार पटेल के सम्बन्धों को विकृत रूप में नई पीढ़ी के समक्ष रखने का एक सुनियोजित साजिश रचे हुये हैं | जिसे अब विदेश मंत्री जी आगे बढ़ाने का असफल प्रयास कर रहे हैं | जयशंकर जी जैसे व्यक्ति को यह सोचना चाहिये कि नारायणी बसु की लिखित विवादित बातें प्रो. श्रीनाथ राघवन, रामचन्द्र गुहा, पीयूष बेबले जैसे अन्य लेखकों और इतिहासकारों की रचनाओं से मेल क्यों नहीं खाती है | स्पष्ट है कि यह दुष्प्रचार का हिस्सा है |

श्री सिंह ने कहा कि विदेश मंत्री के दावे को प्रसिध्द इतिहासकार श्री रामचन्द्र गुहा जी ने ख़ारिज किया है | क्योंकि यह ऐतिहासिक तथ्य और साक्ष्य है कि पं. नेहरू जी ने 1947 में लार्ड माउंटबेटन को जो पत्र लिखा था उसमें सरदार पटेल को अपने मंत्रिमंडल में दूसरे नम्बर पर रखा था | इसकी पुष्टि अन्य ऐतिहासिक स्रोतों से भी होती है | विदेशमंत्री को यह बताना चाहिये कि वे इस झूठे प्रचार का हिस्सा क्यों बन रहे हैं?

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